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“आओ शांतिकुंज चले ” सत्र का हुआ शुभारम्भ (22-23 October)

विद्यार्थियों ने अपराह्न 02:30 बजे विश्वविद्यालय से शांतिकुंज आश्रम की ओर प्रस्थान किया। आश्रम पहुँचकर विद्यार्थियों ने स्वागत कक्ष से अपने रुकने का स्थान सुनिश्चित किया। सभी विद्यार्थियों की रुकने की व्यवस्था श्रृंगी भवन में की गई। अपने-अपने कमरों में सामान रखने के बाद विद्यार्थीयों को एकत्रित कर शांतिकुंज के विभिन्न विभागों, स्थलों का विस्तृत परिचय करवाया गया। यह क्रम श्रीराम पुरम के स्वावलंबन केंद्र, जल शोधन यंत्र, साहित्य विस्तार स्टोर से लेकर, देव संस्कृति दिग्दर्शन, धन्वंतरि वाटिका से होते हुए देवात्मा हिमालय पर ध्यान के साथ संपन्न हुआ। इसके बाद सभी ने गायत्री माता मंदिर में आरती व चालीसा का पाठ किया।

विद्यार्थियों ने अपराह्न 02:30 बजे विश्वविद्यालय से शांतिकुंज आश्रम की ओर प्रस्थान किया। आश्रम पहुँचकर विद्यार्थियों ने स्वागत कक्ष से अपने रुकने का स्थान सुनिश्चित किया। सभी विद्यार्थियों की रुकने की व्यवस्था श्रृंगी भवन में की गई। अपने-अपने कमरों में सामान रखने के बाद विद्यार्थीयों को एकत्रित कर शांतिकुंज के विभिन्न विभागों, स्थलों का विस्तृत परिचय करवाया गया। यह क्रम श्रीराम पुरम के स्वावलंबन केंद्र, जल शोधन यंत्र, साहित्य विस्तार स्टोर से लेकर, देव संस्कृति दिग्दर्शन, धन्वंतरि वाटिका से होते हुए देवात्मा हिमालय पर ध्यान के साथ संपन्न हुआ। इसके बाद सभी ने गायत्री माता मंदिर में आरती व चालीसा का पाठ किया।

आरती व चालीसा के उपरांत सभी ने भोजन ग्रहण किया। भोजन ग्रहण करने के पश्चात  सभी आजाद कक्ष में एकत्रित हुए जहाँ विद्यार्थियों के लिए ‘नवयुग दल’ द्वारा एक रोमांचक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में उन्होंने विद्यार्थियों को नवयुग दल की गतिविधियों से अवगत करवाया एवं लघु फिल्म व अन्य माध्यमों से सभी को प्रोत्साहित किया। इसके बाद सभी ने अपने-अपने कक्ष में विश्राम करने के लिए प्रस्थान किया।

अगले दिन प्रातः 03:30 बजे जागरण के साथ इस अद्भुत भ्रमण का दौर शुरू हुआ। दिन की शुरुआत गायत्री माता जी की आरती के साथ हुई। इसी क्रम में विद्यार्थियों ने गुरुदेव की आवाज से ध्यान किया और फिर शिव मंदिर से होते हुए यज्ञशाला की ओर प्रस्थान किया। वहाँ यज्ञ करने के उपरांत सभी ने गुरुदेव व माता जी की समाधि स्थल ‘सजल श्रद्धा-प्रखर प्रज्ञा’ के दर्शन किए। समाधि स्थल पर ही शांतिकुंज के इ.एम.डी. विभाग द्वारा विद्यार्थियों की सामूहिक फोटो भी ली गई। तदोपरांत आजाद भवन में ‘नवयुग दल’ द्वारा विद्यार्थियों के नाश्ते की व्यवस्था की गई।

नाश्ता ग्रहण करने के उपरांत इ.एम.डी. विभाग द्वारा सभी विद्यार्थियों का इस सत्र व विश्वविद्यालय के लिए अनुभव रिकॉर्ड किया। सभी विद्यार्थियों का अनुभव बहुत ही शानदार रहा। अंत में विद्यार्थियों द्वारा इ.एम.डी. विभाग का अवलोकन किया गया। इसी के साथ इस दिव्य व आलौकिक सफर का समापन हुआ।

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